Sunday, December 12, 2010

नो प्राब्लम: एक मुश्किल आसान हुई

आज का दिन कुछ खास है खास इस वजह से है कि आज नो प्राब्लम की वजह से हमारी एक प्राब्लम समाप्त हो गई है। आपको शायद यह सुनकर थोडा आश्चर्य हो कि आज तक मेरी पत्नि ने सिनेमा हाल मे एक भी फिल्म नही देखी थी जबकि वो पिछले तीन साल से तो मेरे साथ ही हरिद्वार शहर मे रह रही है पहले गांव मे रहती थी। मैने अभी तक कितनी फिल्में सिनेमा हाल मे देखी है इसकी गणना करनी तो थोडी मुश्किल है लेकिन मेरी पत्नि ने आज अपने जीवन मे पहली बार सिनेमा हाल मे फिल्म देखी, मैने बहुत दिन पहले से ही यह तय किया हुआ था कि मैं इस बार बच्चों को फिल्म दिखाने ले जाउंगा जैसे ही सेलरी आई मेरे अरमानो को और पंख लग गये और जब मैने पत्नि से इस बाबत चर्चा की तो उसने भी सहमति प्रदान कर दी हालांकि वो अभी तक मेरे किसी भी आउटिंग के प्रोग्राम को खारिज़ करती आ रही है वजह साफ है उसे मेरी जेब का कुछ जरुरत से ज्यादा ही ख्याल रहता है एक और राज़ की बात आज बता दूं कि मेरी पत्नि शायद दूनिया की सबसे कम फरमाईश रखने वाली पत्नि होगी हमेशा बुद्दत्व मे जीती है भौतिक संसाधनो और आभूषणों के मामले मे एकदम अपेक्षा रहित..।

खैर! वो एक अलग दर्शन है जिसकी ज्यादा महिमामंडन करने की जरुरत नही है सबका अपना एक अलग ढंग होता है जिन्दगी जीने का....।

आज हमने सपरिवार जिसमे मेरा छोटा भाई भी शामिल है हिन्दी फीचर फिल्म नो प्राब्लम देखी यदि समीक्षक मन से कहूं तो एकदम बकवास और नानसेंस किस्म की कामेडी फिल्म है लेकिन आज वो ज्यादा महत्वपूर्ण नही है आज की खास बात बस यही है कि आज की तारीख मेरी पत्नि के जीवन मे एक ऐतिहासिक दिन के रुप मे दर्ज़ हो गई है अभी तक टी.वी. पर फिल्में देख कर संतोष करने वाली ने आज 70 एम.एम.को बडे परदे पर देख लिया है साथ ही हमारे कुल का सबसे कम उम्र का सिनेमा हाल देखने का रिकार्ड हमारे बेटे राहुल के नाम हो गया है।

मुझे उम्र तो ठीक से ध्यान नही है लेकिन मैने अपने जीवन की पहली हिन्दी फिल्म जो सिनेमा हाल मे देखी थी वो थी-हाथी मेरे साथी एक शादी से लौटते समय मैने बतौर रिश्वत यह फिल्म देखी थी क्योंकि मै उस शादी मे शामिल होने के कारण जो बस यात्रा मे मुझे असुविधा हुई थी उससे खासा खफा हो गया था (तब मुझे बस मे यात्रा करना कतई पंसद नही था कारण उल्टी की शिकायत थी) और मेरी इस नाराज़गी को दूर करने के लिए गांव के ही एक भाई ने मुझे शादी से लौटते समय यह फिल्म दिखाई थी।

आज का यह तारीखी दिन हमारे लिए कुछ खास बन गया है इसलिए मैने अपनी थमी हुई लेखनी को फिर से गति दी है रोजाना लिखना चाहता हूं लेकिन आजकल कुछ लिखने की इनर काल नही आती है सो यह विलम्ब हो रहा है और आप सबको तो पता ही है कि मैने बिना इनर काल के कुछ नही करता हूं...।

आज नो प्राब्लम ने मेरे जीवन की एक मुश्किल आसान कर दी है अब देखते है कि हम सपरिवार अगली कौन सी फिल्म सिनेमा हाल मे देखेंगे उसकी तब ही चर्चा करुंगा...।

अब एक विराम...

डा.अजीत

1 comment:

  1. बधाई हो डाक्टर साहब. भाभी जो को भी बधाई. बेटू को रिकार्ड बनाने के लिए बधाई. पार्टी देनी होगी.

    ReplyDelete